मथुरा में मिलावटी पनीर बनाने का भंडाफोड़, सफेदी के लिए इस्तेमाल हो रहा था टिनोपाल; 500 किलो पनीर और 2 हजार लीटर दूध नष्ट

मथुरा। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शेरगढ़ क्षेत्र के हुसैनी गांव में मिलावटी पनीर बनाने वाली एक इकाई का पर्दाफाश किया है। विभागीय टीम ने छापेमारी के दौरान पनीर को सफेद और चमकदार बनाने के लिए टिनोपाल तथा रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) जैसे रसायनों के इस्तेमाल का मामला पकड़ा।

कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 500 किलोग्राम दूषित पनीर और 2,000 लीटर दूषित दूध मौके पर ही नष्ट कराया। जब्त किए गए खाद्य पदार्थ और सामग्री की कुल कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। वहीं, इकाई संचालक के खिलाफ शेरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

गोपनीय सूचना पर हुई छापेमारी

सहायक आयुक्त खाद्य डा. जतिन कुमार सिंह को हुसैनी गांव में मिलावटी पनीर तैयार किए जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद उनके नेतृत्व और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी की निगरानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोनू कुमार की पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा।

निरीक्षण के दौरान टीम को मौके पर स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सोयाबीन, टिनोपाल और रंगकाट समेत कई सामग्री मिली। विभाग के अनुसार, इनका इस्तेमाल पनीर तैयार करने की प्रक्रिया में किया जा रहा था।

पनीर को चमकदार बनाने के लिए हो रहा था रसायनों का इस्तेमाल

जांच के दौरान टीम को करीब 20 किलो टिनोपाल और 12 किलो रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) मिला। विभाग ने आरोप लगाया कि इन रसायनों का इस्तेमाल तैयार पनीर को अधिक सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए किया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान टीम ने पनीर, दूध, तेल, सोयाबीन, टिनोपाल और स्किम्ड मिल्क पाउडर सहित अलग-अलग सामग्री के कुल नौ नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।

500 किलो पनीर और 2 हजार लीटर दूध नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर करीब 500 किलो दूषित पनीर और 2,000 लीटर दूध नष्ट कराया। अधिकारियों के अनुसार, नष्ट किए गए पनीर की कीमत करीब एक लाख रुपये, जबकि दूध की कीमत करीब 1.25 लाख रुपये थी।

इसके अलावा मौके पर मिली अन्य सामग्री को सीज कर दिया गया है, ताकि उसका इस्तेमाल दोबारा खाद्य पदार्थ तैयार करने में न किया जा सके।

जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई

इकाई संचालक के खिलाफ शेरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचाना तथा मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।