सड़क हादसों में हर घंटे 21 लोगों की मौत: ओवर स्पीड बनी सबसे बड़ी वजह, संसद में सरकार ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े

2025 में 5.13 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं, 1.83 लाख लोगों की गई जान

नई दिल्ली। देश में बढ़ते सड़क हादसे एक गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में देशभर में 5,13,563 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,83,382 लोगों की मौत हुई। इसका मतलब है कि देश में हर घंटे औसतन 59 सड़क दुर्घटनाएं हुईं और 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में लिखित जवाब के दौरान यह जानकारी दी।


ओवर स्पीडिंग बनी सबसे बड़ी वजह

सरकार के अनुसार, तेज रफ्तार (Over Speeding) सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण रही। वर्ष 2025 में 82,124 सड़क हादसे केवल ओवर स्पीडिंग की वजह से हुए, जो कुल दुर्घटनाओं का लगभग 16 प्रतिशत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्धारित गति सीमा का पालन न करना, लापरवाही से वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।


हर घंटे 59 दुर्घटनाएं, 21 लोगों की मौत

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक—

  • कुल सड़क दुर्घटनाएं: 5,13,563
  • कुल मौतें: 1,83,382
  • हर घंटे औसतन दुर्घटनाएं: 59
  • हर घंटे औसतन मौतें: 21

ये आंकड़े देश में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं।


तमिलनाडु में सबसे ज्यादा हादसे, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मौतें

राज्यवार आंकड़ों के अनुसार—

  • तमिलनाडु में वर्ष 2025 के दौरान सबसे अधिक 71,387 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
  • वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में 27,550 लोगों की मौत हुई, जो देश में सबसे अधिक है।

गलत दिशा में वाहन चलाना भी बना बड़ा कारण

संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के अन्य प्रमुख कारण भी सामने आए हैं—

  • गलत दिशा (Wrong Side Driving) और लेन अनुशासन का उल्लंघन करने से 4,089 दुर्घटनाएं हुईं।
  • लाल बत्ती (Red Light) का उल्लंघन करने के कारण 276 हादसे दर्ज किए गए।
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल की वजह से 136 दुर्घटनाएं हुईं।

सरकार ने कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाही सड़क हादसों की बड़ी वजह बनी हुई है।


2026 के पहले छह महीनों में भी चिंता बरकरार

नितिन गडकरी ने बताया कि 2026 के पहले छह महीनों में ही देशभर में 2,85,770 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है।


सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण

  • ओवर स्पीडिंग (Over Speeding)
  • गलत दिशा में वाहन चलाना
  • लेन नियमों का उल्लंघन
  • रेड लाइट जंप करनाड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल
  •  ट्रैफिक नियमों की अनदेखी