देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को प्रदेश में टैक्स फ्री करने का फैसला लिया है। फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने और प्रदेश के सिनेमाघरों में इसके प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार टिकट बिक्री पर वसूले जाने वाले राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) की प्रतिपूर्ति करेगी।
इस संबंध में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी की ओर से राज्य कर विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश जारी किए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद उत्तराखंड में फिल्म के प्रदर्शन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

‘हनुमान अंश’ के टिकट पर SGST की होगी प्रतिपूर्ति
सरकारी आदेश के अनुसार उत्तराखंड के सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में ‘हनुमान अंश’ फिल्म के टिकट की बिक्री पर लागू होने वाले CGST और SGST में से राज्य सरकार अपने हिस्से के SGST की प्रतिपूर्ति करेगी।
इस फैसले का उद्देश्य फिल्म को अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचाना और सिनेमाघरों में इसके प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना है। टैक्स में राज्य सरकार की ओर से राहत मिलने से फिल्म के टिकट पर दर्शकों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
सीएम धामी ने परिवार और मंत्रियों के साथ देखी थी फिल्म
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल में परिवार और मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखी थी। इस दौरान उनकी पत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और विधायक प्रदीप बत्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने इसे उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। अब इसी निर्णय के तहत SGST की प्रतिपूर्ति को लेकर सूचना महानिदेशक की ओर से संबंधित विभाग को आदेश जारी किए गए हैं।
नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है ‘हनुमान अंश’
‘हनुमान अंश’ फिल्म प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा को केंद्र में रखती है। फिल्म के माध्यम से उनके जीवन से जुड़े आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
नीम करौली बाबा की शिक्षाओं में मानव सेवा, प्रेम, करुणा, विनम्रता और लोक कल्याण जैसे विषयों को विशेष महत्व दिया जाता है। फिल्म इन्हीं विचारों और उनके जीवन से जुड़े पहलुओं को पर्दे पर प्रस्तुत करती है।
उत्तराखंड से खास जुड़ाव रखती है फिल्म
नीम करौली बाबा से जुड़ा कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसी वजह से ‘हनुमान अंश’ का उत्तराखंड से विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध भी माना जा रहा है। फिल्म में संत परंपरा, भक्ति और मानव सेवा के संदेश को प्रमुखता दी गई है।
फिल्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार का फैसला
उत्तराखंड सरकार की ओर से SGST की प्रतिपूर्ति किए जाने का फैसला फिल्म को प्रदेश में प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे फिल्म के निर्माताओं को प्रदेश के सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन को लेकर राहत मिल सकती है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब संबंधित विभाग फिल्म के टिकट पर देय SGST की प्रतिपूर्ति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करेगा।
‘हनुमान अंश’ में दिखेगा भक्ति और सेवा का संदेश
फिल्म का मुख्य फोकस नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक सोच पर है। उनके जीवन से जुड़े सेवा, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को फिल्म के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
उत्तराखंड में फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने के बाद अब इसे देखने वाले दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से फिल्म को प्रदेश में व्यापक स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
