देहरादून में 160 लोगों से ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

देहरादून में 160 लोगों से ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

देहरादून। क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करीब 160 लोगों से 12 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के खिलाफ रायपुर थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में निवेशकों, लेनदेन और संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है।

5 से 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का दिया गया था झांसा

रायपुर के नत्थूवाला निवासी अनूप सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि लविश चौधरी से जुड़े BotBro, Yorker FX, Yorker Capital और Bot Alpha जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से निवेश कराया गया। आरोप है कि निवेशकों को हर महीने 5 से 6 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया।

शिकायत के मुताबिक, करीब तीन साल पहले वेबसाइट और अन्य माध्यमों से लोगों को निवेश के लिए जोड़ा गया। शुरुआत में निवेशकों को रिटर्न मिलने की बात कही गई, लेकिन बाद में अक्टूबर 2025 के बाद निकासी रोक दी गई। इसके बाद निवेशकों को अपनी रकम वापस लेने में परेशानी होने लगी।

देहरादून में करीब 160 लोग प्रभावित होने का दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में देहरादून क्षेत्र के लगभग 160 लोग प्रभावित हुए हैं और कुल रकम 12 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच पुलिस और अधिकारियों को शिकायतें देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत का रुख किया गया।

अदालत के आदेश के बाद रायपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

लविश चौधरी के खिलाफ इससे पहले भी रायपुर थाने में करीब 25 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में उससे जुड़े QFX, YFX और BotBro नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक कार्रवाई में अगस्त 2025 में QFX/YFX/YorkerFX/BotBro मामले में 9.31 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की का अंतरिम आदेश जारी किया गया था।

कई राज्यों तक फैला बताया जा रहा नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले से जुड़े निवेश नेटवर्क का दायरा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों तक बताया गया है। ED की जांच में भी निवेशकों को कथित तौर पर निश्चित मासिक रिटर्न का भरोसा देकर विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किए जाने की बात सामने आई थी।

कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान बैंक खातों में बड़ी रकम फ्रीज किए जाने और संपत्तियों पर कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, देहरादून के 12 करोड़ रुपये वाले नए मामले में अंतिम रकम और अन्य आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और आरोपित से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

महत्वपूर्ण: निवेश से जुड़े मामलों में किसी भी व्यक्ति या कंपनी को दोषी मानने से पहले पुलिस जांच और अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार करना जरूरी है।