तमिलनाडु में सरकारी शराब बिक्री कंपनी TASMAC के जरिए बेचे जाने वाले 11 ब्रांड्स पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध अब हटा दिया गया है। इन उत्पादों पर लेबलिंग, नामकरण और फ्लेवरिंग से जुड़े नियामकीय मानकों को लेकर सवाल उठे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, निर्माता की ओर से नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रतिबंध वापस लिया गया।
FSSAI जांच के बाद लगाया गया था प्रतिबंध
मामला तिरुवल्लुर जिले के पूनामल्ले स्थित Enrica Enterprises की उत्पादन इकाई से जुड़ा है। FSSAI की जांच में उत्पादों की लेबलिंग और नामकरण में नियमों के अनुरूप नहीं होने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों में कुछ उत्पादों में nature-identical और artificial flavouring substances पाए जाने का भी उल्लेख है।
इसके बाद संबंधित उत्पादों की बिक्री और सप्लाई रोकने का निर्देश दिया गया था। TASMAC ने अपने डिपो और खुदरा दुकानों को इन उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए कहा था।
11 अगस्त को लगा था प्रतिबंध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को इन 11 उत्पादों पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। इनमें 10 ब्रांडी और एक रम उत्पाद शामिल थे।
बताए गए ब्रांड्स में Honey Bee Fine Brandy, McDowell’s VSOP Brandy, No.1 McDowell’s Fine Brandy, Louis Vernet XO Blended Premium Brandy, Enrica VSOP Select Brandy, Enrica Platinum Reserve XO Brandy, Enrica Premium French Brandy, Veeran Special Brandy, VSOP Exshaw Gold Brandy और Men’s Club Deluxe Brandy शामिल हैं। इसके अलावा Enrica Old Indy Classic Dark Rum पर भी रोक लगाई गई थी।
14 अगस्त को वापस लिया गया आदेश
बाद में निर्माता की ओर से नियामकीय मानकों का पालन करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रतिबंध वापस ले लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित निर्माता ने निर्धारित समय में अनुपालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
इस फैसले के बाद TASMAC के डिपो और रिटेल आउटलेट्स में संबंधित उत्पादों की सप्लाई और बिक्री फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।
TASMAC की क्या भूमिका है?
TASMAC (Tamil Nadu State Marketing Corporation) तमिलनाडु सरकार की कंपनी है और राज्य में IMFL की थोक एवं खुदरा बिक्री व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, TASMAC के लिए पंजीकृत शराब उत्पादों को संबंधित नियामकीय और गुणवत्ता मानकों का पालन करना होता है।
आगे नियमों के अनुपालन पर रहेगी नजर
प्रतिबंध हटने के बाद भी इस मामले में मुख्य मुद्दा नियामकीय अनुपालन का है। संबंधित निर्माता को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। प्रतिबंध हटाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि पहले उठाई गई नियामकीय आपत्तियां स्वतः समाप्त हो गईं; आगे की प्रक्रिया अनुपालन और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा पर निर्भर करेगी।
