बिहार में आकाशीय बिजली का कहर: 8 महिलाओं समेत 12 लोगों की मौत, 7 घायल; CM ने 4-4 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान

धान की रोपनी और कृषि कार्य के दौरान वज्रपात की चपेट में आए लोग, चार जिलों में हुए दर्दनाक हादसे

पटना। बिहार में मंगलवार को मौसम के अचानक बिगड़ने के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। राज्य के बांका, लखीसराय, नवादा और जमुई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात की घटनाओं में 8 महिलाओं समेत 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हादसे के समय अधिकांश लोग धान की रोपनी और अन्य कृषि कार्यों में जुटे हुए थे। अचानक बिजली गिरने से मौके पर अफरातफरी मच गई। घायलों को स्थानीय स्तर पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

बांका में सबसे ज्यादा पांच लोगों की मौत

वज्रपात से सबसे ज्यादा पांच लोगों की मौत बांका जिले में हुई। इसके अलावा लखीसराय और नवादा में तीन-तीन, जबकि जमुई में एक व्यक्ति की जान गई।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और मृतकों तथा घायलों से संबंधित आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

नवादा में धान की रोपनी कर रहे तीन मजदूरों की मौत

नवादा जिले के दरियापुर गांव के पास धान की रोपनी के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। यहां खेत में काम कर रहे मनी मांझी, राजेंद्र मांझी और इंद्रजीत मांझी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।

बताया गया कि तीनों रोजगार की तलाश में सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव से रजौली पहुंचे थे। वे किसान मनोज यादव के खेत में धान की रोपनी कर रहे थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई।

बांका में 20 दिनों में 16 लोगों की मौत

बांका जिले में वज्रपात की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले 20 दिनों में बांका में वज्रपात से 16 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का निर्देश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वज्रपात की घटनाओं में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासन को राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

खराब मौसम में लोगों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बिजली चमकने और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। खासकर किसान और खेतों में काम करने वाले मजदूर मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

वज्रपात के दौरान क्या करें?

  • बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले खेत में न रहें।
  • संभव हो तो पक्की इमारत या सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
  • पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें।
  • बिजली चमकने के दौरान तालाब, नदी या अन्य जलस्रोतों से दूर रहें।
  • खेतों में काम कर रहे लोग मौसम खराब होते ही कृषि कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाएं।
  • मौसम साफ होने तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

चार जिलों में मौतों से पसरा मातम

बांका, लखीसराय, नवादा और जमुई में हुई इन घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए वज्रपात की घटनाएं विशेष रूप से चिंता का विषय बनी हुई हैं।

प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

मुख्य Highlights

  • बिहार में वज्रपात से 12 लोगों की मौत
  • 8 महिलाओं की भी गई जान
  • 7 लोग घायल
  • बांका, लखीसराय, नवादा और जमुई में हादसे
  •  अधिकांश लोग धान की रोपनी और कृषि कार्य में जुटे थे
  •  मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता
  • खराब मौसम में खुले स्थानों से दूर रहने की अपील
  • किसानों और ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया