उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में नई सेब, कीवी, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति को स्वीकृति प्रदान की है। इन नीतियों का उद्देश्य राज्य के कृषि क्षेत्र को विविधता और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाना है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रोत्साहन मिलेगा।
इन नीतियों के तहत सरकार किसानों की हर तरह से मदद करेगी — उन्हें नई खेती की तकनीक सिखाई जाएगी, अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, प्रशिक्षण दिया जाएगा और आर्थिक सहायता (सब्सिडी) भी दी जाएगी। साथ ही उनके उत्पादों को बेचने के लिए बाज़ार से जोड़ने में भी सहयोग किया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी फसलों का सही मूल्य मिल सके।। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में इन फसलों की खेती से स्थानीय जलवायु और मिट्टी का बेहतर उपयोग संभव होगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सरकार का यह कदम स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। इससे उत्तराखंड “Vocal for Local” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा और राज्य के विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
इन नीतियों से न केवल किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी, बल्कि युवाओं को कृषि-आधारित उद्यमों और start-ups की ओर भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और टिकाऊ कृषि अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करने वाला एक बड़ा कदम साबित होगी।
