माँ भारती के वीर सपूत और सैन्य परंपराओं की धरा उत्तराखंड के गौरव, महावीर चक्र से सम्मानित अमर बलिदानी राइफलमैन जसवंत सिंह रावत जी की पुण्यतिथि पर हम कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। भारत-चीन युद्ध 1962 के दौरान उन्होंने जिस अदम्य साहस, असाधारण पराक्रम और अटल राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह भारतीय सैनिकों के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
चौकी पर अकेले मोर्चा संभालकर शत्रु सेनाओं को रोके रखना, देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देना, और अंतिम सांस तक मातृभूमि के प्रति समर्पित रहना—जसवंत सिंह रावत जी का यह बलिदान प्रत्येक भारतीय के हृदय में अमर है। उनकी वीरता केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का महान स्रोत है।
उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति अतुलनीय प्रेम ने उन्हें अमर शहीदों की श्रेणी में स्थान दिया है। राष्ट्र हमेशा उनके साहस को सम्मान, श्रद्धा और गर्व के साथ याद करता रहेगा।
जसवंत सिंह रावत जी का बलिदान हमें यह संदेश देता है कि देशभक्ति केवल शब्द नहीं, बल्कि एक पवित्र भावना है जिसे कर्मों से जीवित रखा जाता है।
