Ankita murder case एक बार फिर सुर्खियों में है। मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारवार्ता कर कहा कि “यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो सामने लाए, सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच को सत्र न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सही ठहरा चुके हैं और अदालत ने सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं मानी।

यह मामला हाल ही में एक वायरल वीडियो के बाद फिर चर्चा में आया। वीडियो भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी का बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने फेसबुक लाइव आकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक कथित वीआईपी “गट्टू” का जिक्र किया। महिला ने दावा किया कि गट्टू भाजपा का बड़ा नेता है और घटना के दिन वह वनंत्रा रिजॉर्ट में मौजूद था। वीडियो में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य का भी नाम लिया गया और एक कथित ऑडियो का उल्लेख किया गया, जिसमें पूरी जानकारी होने का दावा किया गया है।
कांग्रेस ने वीडियो के आधार पर वीआईपी का नाम उजागर करने और सीबीआई जांच की मांग की है, जबकि भाजपा ने इसे अपुष्ट और राजनीतिक साजिश करार दिया है। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस बिना सबूत आरोप लगा रही है और उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वीआईपी कौन है।
गौरतलब है कि 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। मामले में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में एक वीआईपी के आने और उस पर अतिरिक्त सेवा के लिए दबाव बनाए जाने की जानकारी दी थी, लेकिन उस वीआईपी की पहचान आज भी सामने नहीं आ सकी है।
