उत्तराखंड के टिहरी जिले में भिलंगना ब्लॉक के हिंदाव पट्टी के महर गांव में शनिवार को 13 वर्षीय साक्षी को नरभक्षी गुलदार ने हमला कर मार डाला, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यह घटना गांव के लिए अत्यंत हृदयविदारक रही, क्योंकि तीन महीनों में यह तीसरी बार है जब बच्चों पर गुलदार ने हमला किया है। ग्रामीणों में इस घटना के बाद गुस्सा चरम पर है, और उन्होंने गुलदार के शीघ्र न मारे जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने और उसे मारने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने 22 फॉरेस्ट गार्डों की एक टीम गठित की है और 6 अनुभवी शूटरों को तैनात किया है। शूटरों की टीम में जाॅय हुकिल, जसवंत पंवार, प्रकाश चंद्र सती, जहीर बख्शी, भीम सिंह, और लखपत सिंह रावत शामिल हैं। गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।
साक्षी की मौत के बाद गांव के लोगों का गुस्सा उफान पर है। विधायक शक्ति लाल शाह, डीएफओ पुनीत तोमर, और ब्लॉक प्रमुख बासुमति घणाता जब गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन माह में तीन बच्चों की मौत के बावजूद अभी तक गुलदार को नहीं मारा गया है, जो विभाग की कार्यक्षमता पर सवाल उठाता है।
वन रेंज अधिकारी आशीष नौटियाल ने बताया कि गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, और जल्द ही उसे पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, शिक्षा विभाग ने गुलदार प्रभावित इलाकों के प्राथमिक विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मृतक बच्ची साक्षी का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया है, और पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण अब वन विभाग से इस नरभक्षी गुलदार से निजात दिलाने की उम्मीद कर रहे हैं।

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