🚨 केदारनाथ यात्रा पर बड़ा संकट! पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डर, 6 घंटे तक ठप रहा पैदल मार्ग

केदारनाथ पैदल मार्ग पर छौड़ी के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण यात्रा छह घंटे तक बाधित रही। प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित रोककर दोपहर में सीमित रूप से यात्रा फिर से शुरू कराई

 

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग शुक्रवार को छौड़ी के पास भूस्खलन होने से छह घंटे बाधित रहा। दोपहर बाद मलबे को साफ कर यात्रियों को पुलिस व एसडीआरएफ की मदद से रास्ता पार कराया गया। फोटो- साभार- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

 

  1. केदारनाथ पैदल मार्ग पर छौड़ी के पास बोल्डर गिरे
  2. यात्रा छह घंटे तक बाधित रही, यात्रियों को रोका गया
  3. सुरक्षा निगरानी में दोपहर बाद सीमित यात्रा शुरू हुई

 

केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ा हादसा टला, छौड़ी के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर; 6 घंटे बाधित रही यात्रा

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार सुबह बड़ा खतरा उस समय पैदा हो गया, जब छौड़ी के समीप पहाड़ी से अचानक भारी बोल्डर और मलबा गिरने लगा। घटना के चलते पैदल यात्रा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा तत्काल रोक दी। इस कारण करीब छह घंटे तक केदारनाथ यात्रा प्रभावित रही।

जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 6:18 बजे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने लगा, जिससे मार्ग अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली।

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा प्रबंधन टीम ने घोड़ा पड़ाव सहित आसपास के सुरक्षित स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोक दिया। इस दौरान किसी भी यात्री को जोखिम वाले क्षेत्र की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

लगातार निगरानी और पहाड़ी की स्थिति का आकलन करने के बाद प्रशासन ने दोपहर करीब एक बजे सीमित रूप से यात्रा दोबारा शुरू कराई। सुरक्षा कर्मियों की कड़ी निगरानी में श्रद्धालुओं को एक-एक कर संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित पार कराया गया।

प्रशासन ने बताया कि पहाड़ी इलाका अभी भी संवेदनशील बना हुआ है। इसलिए यात्रा केवल सुरक्षा एजेंसियों की अनुमति और निगरानी में ही संचालित की जा रही है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, धैर्य बनाए रखें और प्रशासन व सुरक्षा कर्मियों के सभी निर्देशों का पालन करें।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन.एस. रजवार ने बताया कि मौसम और पहाड़ी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि दोबारा खतरे जैसी स्थिति बनती है तो यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।